भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच दिरहम और रुपये में शुरू हो सकता है व्यापारिक लेन-देन !

भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच दिरहम और रुपये में शुरू हो सकता है व्यापारिक लेन-देन !

अस्सलाम अलैकुम।।।।।।।।।।।।।।।।।।। मैं अंदलीब अख्तर और आप देख रहे हैं UAE Khabar !

भारत और संयुक्त अरब अमीरात व्यापारिक तौर पर एक बड़ी शुरूआत कर सकते हैं. दोनों देशों के बीच संयुक्त अरब अमीरात की उमदरा दिरहम और भारत की मुद्रा रुपए में व्यापार शुरू हो सकता है. इसके लिए चर्चा भी शुरू हो गई है. अगर ऐसा हुआ तो दोनों देशों के बीच व्यापार कई अरब डॉलर बढ़ सकता है. भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के केंद्रीय बैंक लेनदेन की लागत कम करने के मकसद से रुपये और दिरहम में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने पर चर्चा कर रहे हैं.

यूएई में भारत के राजदूत संजय सुधीर ने यह जानकारी देते हुए कहा कि स्थानीय मुद्राओं में व्यापार के लिए अवधारणा पत्र का विचार भारत ने रखा था. उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि दोनों देशों के केंद्रीय बैंक मानक संचालन प्रक्रियाओं और तौर-तरीकों पर चर्चा करेंगे. इसका उद्देश्य लेनदेन की लागत को कम करना है.

आगे बढ़ने से पहले आप हमारे पेज को फॉलो कर लीजिये ताकि आप तक ज़रूरी जानकारियां पहुँचती रहे या फिर आप हमे Youtube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को subscribe कर लें जिससे आने वाले हर Videos की Notifications आपको मिलते रहे !

भारत और UAE ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए फरवरी में पहले ही मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर कर दिए थे. एफटीए का उद्देश्य भारत के साथ-साथ यूएई के कारोबारियों को महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करना है. इसमें बाजार तक पहुंच बढ़ाना और सीमा शुल्क कम करने जैसे उद्देश्य शामिल है. मुक्त व्यापार समझौते के बाद दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार मौजूदा 60 अरब डॉलर से बढ़कर 100 अरब डॉलर पहुंच जाने का भी अनुमान है.

इसका मकसद लेन-देन की लागत को कम करना है.’’ इस विकास ने भारतीय रिजर्व बैंक की घोषणा, विशेष रूप से भारत के निर्यात के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भुगतान को व्यवस्थित करने के लिए एक तंत्र विकसित करने का पालन किया है ! यह माना जाता है कि यदि तंत्र सफल होता है, तो यह लंबे समय में भारतीय मुद्रा रुपये के अंतर्राष्ट्रीयकरण में एक लंबा रास्ता तय कर सकता है. एक मुद्रा को ‘अंतर्राष्ट्रीय’ कहा जा सकता है, यदि इसे विनिमय के माध्यम के रूप में दुनिया भर में व्यापक रूप से स्वीकार किया जाता है.

SBI रिसर्च ने जुलाई की शुरुआत में एक रिपोर्ट में कहा की वैश्विक मुद्रा बाजार में एक दिलचस्प विकास हो रहा है, क्योंकि रेनमिनबी, हांगकांग डॉलर और अरब अमीरात दिरहम जैसी मुद्राओं में तेल और अन्य वस्तुओं के व्यापार में महत्वपूर्ण उछाल आया है. रिपोर्ट में, एसबीआई रिसर्च ने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भुगतान में default के बीच भारतीय मुद्रा रुपये का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने के लिए एक प्रयास करना चाहिए.

खबर पसंद आयी हो तो एक Like ज़रूर करे और वीडियो को शेयर करना न भूले !

हम लाते रहेंगे ऐसी ही तमाम जानकारियां ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। तब तक देखते रहिये UAE Khabar !

Leave a Comment