दुबई में समुद्र तट पर शार्क का हमला, बाल-बाल बची महिला !

दुबई में समुद्र तट पर शार्क का हमला, बाल-बाल बची महिला ! जी हाँ शार्क के हमले करने का वीडियो भी तेज़ी से वायरल हो रहा है !

अस्सलाम अलैकुम।।।।।।।।।।।।।।।।।। मैं अंदलीब अख्तर और आप देख रहे हैं UAE Khabar !

दरअसल दुबई में हुई इस घटना को टिकटॉक पर शेयर किया गया है और इसे अब तक 70 लाख से ज्यादा बार देखा गया है ! जहाँ दुबई के समुद्र में एक महिला विशाल शार्क (Shark) की पकड़ में आने से बाल-बाल बच गयी. जानकारी के लिए बता दे कि दुबई में समुद्र तट पर जाने वालों को केवल सूर्यास्त तक समुद्र में तैरने की अनुमति है.

रिपोर्ट के मुताबिक एक वीडियो में दिखाया गया कि दुबई में काइट बीच के तट पर हॉलिडेमेकर्स समुद्र में डुबकी लगा रहे थे , तभी एक विशाल शार्क एक महिला के करीब आती नजर आयी. वहां पर मौजूद एक सुरक्षा कर्मी महिला को सचेत करते हुए चिल्लाया. उसी वक्त वह किसी तरह समुद्र के पानी से बाहर निकल आयी और गनीमत रही की उसकी जान बच गयी !

अभी हाल ही में लगभग 9-10 महीने पहले ऑस्ट्रेलिया की सिडनी की खाड़ी में विशाल शार्क ने ब्रिटिश गोताखोर साइमन नेलीस्ट (Simon Nellist) को अपना निवाला बना लिया. यह घटना उस समय हुई जब तैराक समुद्र में बीचों-बीच तैर रहा था. पिछले 60 सालों में पहली बार ऐसी भयावह घटना घटी, जिसमें शार्क ने इस तरह किसी शख्‍स को अपना निशाना बनाया था. साइमन की मौत के बाद उनकी एक फेसबुक (Facebook) पोस्‍ट वायरल हो गयी !, जिसमें उन्‍होंने लिखा था कि शॉर्क नेट या फिर ड्रम लाइन किसी को नहीं बचाते. हर स्थिति में समुद्री जीव इंसान की जान ले लेते हैं.

ऐसे में सवाल उठता है कि शॉर्क नेट या ड्रम लाइन होते क्‍या है, ये इंसान को समुद्री जीवों से बचाने में कितने काम के हैं और इस पर हुई रिसर्च क्‍या कहती है? मगर इसके जवाब जानने से पहले आप हमारे पेज को फॉलो कर लीजिये ताकि आप तक ज़रूरी जानकारियां पहुँचती रहे या फिर आप हमे Youtube पर देख रहे हैं तो हमारे चैनल को subscribe कर लें जिससे आने वाले हर Videos की Notifications आपको मिलते रहे !

क्‍या होता है शार्क टैंक और ड्रम लाइन?

शार्क इंफो के मुताबिक, दुनिया के कई हिस्‍सों में तैराकों को शार्क के हमले से बचाने के लिए शार्क नेट का इस्‍तेमाल किया जाता है. खासतौर पर शार्क की उन प्रजातियों से जो काफी गुस्‍सैल मानी जाती हैं. जैसे- ग्रेट वाइट शार्क और बुल शार्क. इस नेट को समुद्र में किनारों से लेकर पानी में कुछ गहराई तक डुबोया जाता है.

शार्क नेट को इस तरह से तैयार किया गया है कि मछलियां इसमें फंस जाएं या फिर इसके इर्द-गिर्द से निकल जाएं और इंसान की जान को बचाया जा सके.

अब समझते हैं कि कैसे काम करता है ड्रम लाइन. ABC की रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ वेल्‍स और क्‍वींसलैंड समेत दुनिया के कई हिस्‍सों में शार्क जैसी मछलियों से गोताखोरों और तैराकों को अलर्ट करने के लिए इसका प्रयोग किया जा रहा है. इसे ऐसे क्षेत्रों में लगाया जाता है जहां पर शार्क के अटैक का खतरा सबसे ज्‍यादा होता है.

यह एक तरह का इक्विपमेंट होता है जो पानी में तैरता रहता है. इसके दोनों सिरों पर दो वायरनुमा लाइन निकली होती हैं. इसके एक हिस्‍से में मछलियां फंसी होती हैं. इसकी मदद से शार्क को तैराकों और गोताखोर वाले क्षेत्र में जाने से रोका जाता है. यहां पर लगा जीपीएस भी मछलियों की एक्टिव‍िटी की जानकारी देता है. इसी के आधार पर अलर्ट जारी किया जाता है.

शार्क नेट कितने काम के है, इस पर हुई ऑस्‍ट्रेलियाई शोधकर्ताओं की रिसर्च कहती है, शार्क नेट इंसानों को मछली के हमले से बचाने में असरदार नहीं हैं. इसके अलावा समुद्री जीवों पर इसका नकारात्‍मक असर पड़ता है.

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हम लाते रहेंगे ऐसी ही तमाम जानकारियां ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। तब तक देखते रहिये UAE Khabar !

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