दुबई से नंगे पाँव 18 साल की लड़की भागकर आयी भारत, शेख के बिस्तर पर एक-दो महीना चलता रहा !

दरअसल दुबई में फंसकर एक प्रवासी महिला भागते भागते अपनी जान बचाकर भारत के अमृतसर आ गयी. दुबई में हालेकिन एजेंट ने उसकी बेटी को अंधेरे कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद एजेंट ने उसे एक शेख के हाथों बेच दिया। दिन में उसकी बेटी शेख के घर का काम करती थी और हर रात शेख के बिस्तर पर होती। एक महीना, दो महीना ऐसे ही चलता रहा।

उस शेख का ड्राइवर एक पाकिस्तानी था। हर दिन उस लड़की पर जुल्म होते देखता था। उसने एक दिन लड़की से कहा कि तुम मेरे फोन से अपने घर फोन करके सारी बात बताओ और यहां से भाग जाओ। उस लड़की ने पाकिस्तानी ड्राइवर के फोन से अपने पापा को अमृतसर फोन किया। फोन आने पर लड़की के पिता पंजाब की महिला अमनजोत कौर रामूवालिया (जो विदेशों से फंसे भारतीयों को लाने का काम करती हैं) के पास आकर मदद मांगने लगे।

वो जिस नंबर से फोन कर रही थी, उसी नंबर पर अमनजोत ने फोन मिलाया। अमनजोत कौर ने ही पूरा वाकिया बताया उन्होंने बताया कि ‘ड्राइवर से कहा कि उस लड़की से मेरी बात करवाएगा। लड़की से बात होते हुए अमनजोत कहा कि लड़की उसे किसी तरीके से उस घर का एड्रेस दे दे, जहाँ वो फांसी है ! लेकिन वहां कुछ ऐसा नहीं था जो अंग्रेजी में लिखा हो। एक दिन शेख परिवार ने पाकिस्तानी रेस्त्रां से खाना मंगवाया, तो उस लड़की ने उर्दू में लिखा हुआ उसके घर का पता अमनजोत को भेजा।

इंडियन एंबेसी और अमनजोत के लोग जब वहां गए, तो पहले दिन लड़की शेख के घर पर नहीं मिली। अगले दिन फिर से गए, तो पाकिस्तानी ड्राइवर ने इशारे से बताया कि लड़की कहां है। सभी ने मिलकर उस लड़की को शेख के चंगुल से छुड़वाया। वह दुबई से नंगे पांव अमृतसर पहुंची। उसने अमनजोत को अपने शरीर पर पड़े दाग दिखाए कि कैसे शेख की पत्नी ठीक से काम न करने पर उसके शरीर पर गरम प्रेस लगा देती थी। कैसे शेख उसके साथ मार-पीट करता था। 18 साल की लड़की की हालत उसने नर्क करके रख दी थी।

अमनजोत कौर ने कहा कि “वो गरीब बाप की बेटी थी और बिल्कुल निर्दोष। कैसे नींद आएगी मुझे आप बताएं, एक बच्ची बिना गलती के इतनी सजा भुगती हो। उस लड़की की मंगनी हुई थी, उसने बोला कि मैडम मेरी मंगनी टूट जाएगी और मेरा बाप बर्बाद हो जाएगा। हम इस केस में चुप रह गए।”

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