सऊदी अरब का ऐतिहासिक फैसला ! अब पुरुष गार्जियन के बिना हज कर सकती हैं महिलाएं

सऊदी से महिलाओ के लिए खुशखबरी सामने आ रही है। जहाँ 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए पहले ही यह छूट लागू हो चुकी है. बाकी महिलाओं के लिए आई ये खबर ऐतिहासिक है। पिछले कुछ सालों में सऊदी अरब महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी छवि को बदलने की कोशिश कर रहा है। तो आईये अब जानते हैं कि सऊदी हुकूमत ने इस बार कौन सा नया फैसला सुनाया है.

मिली जानकारी के अनुसार अब महिलाओं को हज या उमराह के दौरान मेहरम की जरूरत नहीं होगी। सऊदी अरब ने गुरुवार को ऐतिहासिक फैसला लेते हुए हज पर जाने वाली महिलाओं को पुरुष गार्जियन के बिना तीर्थयात्रा करने की अनुमति दे दी है। लगातार सऊदी अरब महिलाओं के अधिकारों को लेकर अपनी छवि बदलने की कोशिश में लगा है, इससे पहले उसने महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस और वोट करने का अधिकार दिया था।

तौफीक बिन फवजान अल रबियाह ने कहा कि दुनिया भर के मुसलमानों के लिए उमराह वीजा के लिए कोई कोटा या सीलिंग नहीं है। किसी भी वीजा के साथ राज्य में आने वाले मुसलमानों को उमराह करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि मक्का में मस्जिद के विस्तार की लागत पहले ही लगभग 200 बिलियन सऊदी रियाल (53 बिलियन डॉलर) से अधिक हो गई है। उन्होंने इसे इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा और सबसे खर्चिला विस्तार बताया है.

umrah p

दरअसल सऊदी मंत्रालय हज करने की लागत को कम करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इसे सभी के लिए संभव बनाया जा सके। सरकार के फैसले पर हज मंत्री के पूर्व सलाहकार लेखक फतेन इब्राहिम हुसैन ने कहा कि सऊदी अरब अपने 2030 के लक्ष्य को पाने के लिए ऐसी ऐसी अनेक सुविधाएं देने में लगा है.

वहीँ देश में परिवहन के सभी साधनों और सुविधाओं के साथ-साथ सुरक्षा भी तगड़ी की गई है। जिसके बाद से visitors के लिए यहां आना आसान हो गया है। ऐसी कई महिलाएं हैं जो बिना महरम (गार्जियन) के काम करने के लिए सऊदी अरब आती हैं, यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है। महिलाओं को बिना महरम से आने के बाद कोई खतरा नहीं है क्योंकि इसके पीछे कोई कारण अब मौजूद नहीं है।

womne

पिछले कुछ सालों में सऊदी अरब में महिलाओं के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं। साल 2001 में सऊदी अरब की महिलाओं को पहली बार पहचान पत्र दिया गया। इसके पहले वो बिना किसी पहचान पत्र की ही जीवन गुजार रही थीं। इसके बाद साल 2005 में जबरन शादी कुप्रथा को खत्म कर दिया गया। वहीँ 2015 में वोट देने का अधिकार मिला और 2018 में महिलाओं को ड्राइविंग लाइसेंस दे दिया गया। इस तरह से साल दर साल सऊदी अबर महिलाओं के प्रति अपनी छवि को सुधारने का प्रयास कर रहा है और उम्मीद है इस तरह है सऊदी किंगडम और तेज़ी से विकसित कर जाएगा।

Leave a Comment