सऊदी अरब की सड़कों पर छोटे कपड़ों में जमकर नाची महिला डांसर, लोग कर रहे थे फरमाईश पे फरमाईश !

सऊदी अरब की सड़कों पर छोटे कपड़ों में जमकर नाची महिला डांसर, लोग कर रहे थे फरमाईश पे फरमाईश !

कौन थी ये डांसर, क्या था नाम, क्यों हो रहा था बीच रोड में डांस ! बताएँगे आपको इस वीडियो में !

अस्सलाम अलैयकुम।।।।।।।।।।।।।।।।। मैं अंदलीब अख्तर और आप देख रहे हैं Daily Saudi News !

दरअसल सऊदी अरब के जाजान प्रांत में सड़कों पर महिलाओं का एक जूलूस निकाला गया जिस पर हंगामा शुरू हो गया. हंगामे की वजह यहां औरतों का छोटे कपड़े पहनना है. यह जुलूस एक फेस्टिवल के तहत निकाला गया था ! सऊदी अरब के सरकारी टीवी चैनल अल अरबिया ने फेस्टिवल के फुटेज प्रसारित किए, लेकिन सांबा डांसर्स की तस्वीरों को धुंधला कर दिया.

बताया जाता है कि जुलूस में हिस्सा लेने के लिए विदेश से डांसर्स बुलाई गई थीं. डांसर्स ने सड़क पर रात में नाचते-गाते हुए परेड की. इस दौरान डांसर्स ने चमकीले नीले और गुलाबी रंग की ड्रेस पहन रखी थी. इस जुलूस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो सऊदी अरब के रूढिवादी धड़े के लोगों ने इसकी आलोचना की. वे लोग सांबा डांसर्स के छोटे कपड़ों पर ऐतराज जताते हुए इसे इस्लाम के खिलाफ बता रहे हैं और सरकार से कार्रवाई की मांग करने लगे !

ये वीडियो इसी साल जनवरी महीने की है. खबरें हैं कि लोगों की नाराजगी देखते हुए जजान के गवर्नर प्रिंस मोहम्मद बिन नासिर ने मामले में जांच के भी आदेश दिए थे. उन्होंने कहा है कि पता लगाया जाए कि ये सांबा डांसर्स (Samba Dancers) फेस्टिवल में कैसे आईं. इसके लिए उन्हें परमीशन किसने दी. इससे पहले दिसंबर में सऊदी में एक संगीत समारोह हुआ था. इस प्रोग्राम के बाद मोहम्मद बिन सलमान को देश के रूढ़िवादियों से इसी तरह की आलोचना का सामना करना पड़ा था.

वैसे सऊदी अरब में महिलाओं को तरह तरह आज़ादी मिली हैं जिससे सऊदी कट्टर मुस्लिम देश के टैग से धीरे धीरे उभर रहा है ! यहाँ की महिलाओं को एक और आजादी मिल गई है। मगर उससे पहले आप हमारे पेज को फॉलो कर लीजिये ताकि आप तक ज़रूरी जानकारियां पहुँचती रहे !

महिलाओं को अब विदेश जाने के लिए पुरुष अभिभावकों की अनुमति नहीं लेनी होगी। सउदी सरकार ने घोषणा की है कि देश की एडल्ट महिलाओं को पुरुष अभिभावक की अनुमति के बिना पासपोर्ट प्राप्त करने और यात्रा करने की इजाजत दी यी है ! सऊदी अरब सरकार आधिकारिक राजपत्र ‘उम अल कुरा’ में लिखा है कि 21 वर्ष से अधिक आयु का कोई नागरिक अगर पासपोर्ट के लिए आवेदन करता है तो उसे पासपोर्ट जारी किया जाना चाहिए। उन्हें यात्रा करने के लिए किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है।

नए नियम महिलाओं को बच्चे के जन्म, विवाह या तलाक को पंजीकृत करने और पारिवारिक दस्तावेज जारी करने का अधिकार प्रदान करते हैं। नाबालिग बच्चों के अभिभावक के रूप में भी महिलाओं को मान्यता दी गई है। सऊदी अरब में लंबे समय से महिलाओं को शादी, यात्रा और कई अन्य चीजों के लिए अपने पुरुष अभिभावकों (पति, पिता और अन्य पुरुष रिश्तेदारों) से अनुमति लेनी जरूरी होती है। इन सब के अलावा अब हज उमराह करने के लिए भी महिलाओं के साथ पुरुष गार्जियन का होना ज़रूरी नहीं है

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हम लाते रहेंगे ऐसी ही तमाम जानकारियां ।।।।।।।।।।।।।।।।।।। तब तक देखते रहिये Daily Saudi News !

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