माशा अल्लाह: मक्का-मदीना के पैगंबर मुहम्मद के मस्जिद में महिला ने दिया नन्ही परी ने जन्म, नामा रखा तैय्यबा !

एक बहुत ही खूबसूरत खबर मक्का-मदीना से सामने आ रही है जहाँ एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया है ! जी हाँ पैगंबर मुहम्मद के मस्जिद में एक नन्ही परी ने जन्म लिया जिससे मुस्लिम माता-पिता बहुत खुश-किस्मत साबित हुए ! इस बच्ची का नाम क्या रखाया है. बताएँगे में !

अस्सलाम अलैकुम।।।।।।।।।।।।।।। मैं अंदलीब अख्तर और आप देख रहे हैं daily Saudi News !

मस्जिद अल हरम के एंबुलेंस सेंटर पर तैनात सऊदी रेड क्रीसेंट अथॉरिटी की टीम इमरजेंसी रिपोर्ट पर स्थान पर पहुंची जहां पता चला कि एक गर्भवती महिला की हालत नाज़ुक है और बच्चे को जन्म देने का प्रोसेस चल रहा है ! जिसके बाद टीम ने महिला का मेडिकल कराया और महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया.

बच्ची के पिता डॉ. तारिक अली सुलेमान ने कहा कि वह अपनी पत्नी और बच्चों को ईशा की नमाज़ के लिए मस्जिद नबवी में छोड़ गए थे, लेकिन पार्किंग की जगह नहीं मिलने पर वह घर वापस चले गए.

“ईशा के तुरंत बाद, पत्नी को फ़ोन किया और अस्पताल जाने के लिए कहा, हालाँकि जब पत्नी मस्जिद नबवी से बच्चों के साथ नमाज़ पढ़ने के लिए निकली, तबीयत ठीक थी और डॉक्टरों ने कुछ दिनों के लिए डिलीवरी का समय दिया था, मगर अचानक ये सब हो गया ! तारिक अली सुलेमान के मुताबिक, वह अपनी पत्नी से फोन पर बात कर रहे थे, तभी अचानक कराहने की आवाज आई और कनेक्शन टूट गया। नवजात बच्ची के पिता रास्ते में ही थे कि एक नर्स ने पिता को खुशखबरी सुनाई कि उन्हें बेटी हुई है !

आगे बढ़ने से पहले आप हमारे पेज को फॉलो कर लें ताकि आप तक ज़रूरी जानकारियां पहुँचती रहे ! आईये अब जानते हैं Parents ने बच्ची का नाम क्या रखा ! सऊदी के पैगंबर की मस्जिद के प्रांगण में जन्मी बच्ची का नाम उसके माता-पिता ने ‘तैयबा’ रखा है। बच्ची की मां ने बताया कि अचानक तबीयत बिगड़ने पर वह मस्जिद नबवी से निकली थी और जैसे ही वह गेट नंबर 34 पर पहुंची, वह गिर पड़ी. कर्मचारियों ने तुरंत मेडिकल ट्रीटमेंट शुरू करवा दिया !

बच्ची की मां ने कहा कि वह अपने बच्चों को उनकी दादी के पास मस्जिद नबवी में छोड़ गई थी. वह अकेले रेड क्रीसेंट के केंद्र की ओर जा रही थी।
गौरतलब है कि मदीना में मस्जिद नबवी के बाहरी प्रांगण में एक महिला ने चिकित्सा दल के स्वयंसेवकों की मदद से एक बच्ची को जन्म दिया। क्षेत्रीय हिलाल अल-अहमर के निदेशक डॉ. अहमद अली अल-झरानी ने कहा कि मेडिकल टीम की समय पर मदद से प्रसव प्रक्रिया आसान हो गई।
डॉ. अल-झरानी ने कहा कि प्रसव के लिए मां को अस्पताल ले जाने का समय नहीं था, इसलिए स्त्री रोग विशेषज्ञ ने तत्काल प्रसव कराया और बाद में अस्पताल में ट्रांसफर किया गया !

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तब तक देखते रहिये Daily saudi News !

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