क्या सऊदी अरब में भारतीयों के लिए हिन्दू मंदिर है !

क्या सऊदी अरब में भारतीयों के लिए हिन्दू मंदिर है !

सऊदी अरब में भारतीयों की संख्या बहुत ज़्यादा है. चाहे मुस्लिम हो या हिन्दू ! सभी लोग यहाँ रोज़गार की तलाश में आते ही हैं. मगर एक सवाल तो आपके मन में भी आता होगा कि अगर हिन्दू भारतीयों को अपने भारत देश की तरह मंदिर के दर्शन करने हो तो वो कैसे करेंगे ! क्या सऊदी अरब मुस्लिम देश में कोई हिन्दू मंदिर है ! अगर है तो सऊदी के कौन से इलाके में स्थित है !

बताएँगे आपको इस वीडियो में।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। अस्सलाम अलैकुम।।।।।।।।।।।।।।।। मैं अंदलीब अख्तर !

सऊदी अरब एक इस्लाम को मानने वाला देश है । सुन्नी इस्लाम राज्य का आधिकारिक और राजकीय धर्म है और इस्लाम के अलावा अन्य किसी भी धर्म को सार्वजनिक रूप से मानने की अनुमति नहीं है और तो और केवल मुसलमानों को सऊदी अरब की राष्ट्रीयता हासिल करने की अनुमति है और देश में रहने वाले सभी हिंदू विदेशी प्रवासी हैं और काम करने वाले और पर्यटक परमिट पर पर्यटक हैं।

हालांकि हाल के वर्षों में, कई भारतीय रोजगार के लिए सऊदी अरब चले गए हैं, पहले उनमें से ज्यादातर मुस्लिम थे, लेकिन 2001 के बाद अन्य धर्मों की आबादी में भी वृद्धि हुई है, मुख्य रूप से हिंदू और नेपाली प्रवासी के साथ सऊदी अरब में भी जिनमें से बहुसंख्यक हिंदू थे, जो सऊदी अरब में सबसे तेजी से बढ़ते धर्म के रूप में हिंदू धर्म का नेतृत्व करते हैं ।

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चलिए अब जानते है क्या हिन्दु भारतियों की आबादी होने के बावजूद सऊदी में मंदिर है या नहीं !

तो आपको बता दे कि सऊदी में हिंदुओं की पर्याप्त आबादी होने के बावजूद, गैर-मुस्लिमों के लिए कोई हिंदू मंदिर या कोई अन्य पूजा स्थल नहीं है और गैर-मुस्लिमों की धर्म की स्वतंत्रता बहुत सीमित है। जी हाँ सऊदी अरब में न ही कोई हिन्दू मंदिर है, न ही कोई गुरुद्वारा है, न ही कोई चर्च है। यहां मस्जिदों के अलावा किसी अन्य धर्म का कोई भी पूज्य स्थल नहीं है.

जी हाँ अन्य गैर-मुस्लिम धर्मों की तरह, हिंदुओं को सऊदी अरब में सार्वजनिक रूप से पूजा करने की अनुमति नहीं है। यहाँ तक की सऊदी अरब में मुसलमानों को इस्लाम छोड़ने की अनुमति नहीं है क्योंकि यह धर्मत्याग के रूप में मौत की सजा है. गैर-मुसलमानों द्वारा धर्मांतरण, जिसमें गैर-मुस्लिम धार्मिक सामग्री जैसे बाइबल , भगवद गीता , और अहमदी पुस्तकें का वितरण शामिल है, अवैध हैं।

वहीँ बात अगर सऊदी अरब में हिन्दू मंदिर की हो रही है तो आपको ये भी बता दे की अभी हाल ही में वैज्ञानिकों ने सऊदी अरब में 8000 हजार साल पुराना मंदिर खोजा है। सऊदी अरब के पुरातत्त्व विभाग ने खुदाई के दौरान मंदिर के अवशेषों को खोजा है। मंदिर का अवशेष जहां मिले हैं वो स्थान रियाद के दक्षिण में स्थित है। मंदिर के अवशेषों से जानकारी मिलती है कि उस समय जो लोग यहां पर रहते थे वो पूजा-अनुष्ठान करते थे। बताया जा रहा है तुवाईक पहाड़ के किनारे स्थित इस मंदिर का नाम रॉक कट है।

मंदिर के अलावा पुरातत्त्व विभाग को 2807 कब्र भी मिली हैं। सऊदी अरब में खोजे गए प्राचीन मंदिर में धार्मिक शिलालेख भी पाए गए हैं। पुरातत्त्व विभाग ने अल-फाओ में यह खोज की है जो कभी किंडा राज्य की राजधानी हुआ करती थी। सऊदी अरब हेरिटेज कमीशन की तरफ से यह सर्वे किया गया है। कमीशन की ओर से इस कार्य के लिए एक मल्टीनेशनल टीम गई थी। यहां पर गहरी खुदाई के अलाना काफी लंबे से सर्व का काम किया जा रहा था। मंदिर के अलावा नवपाषाण काल के मानव बस्तियों के अवशेष भी मिले हैं जो 8000 साल पुराने हैं।

रिसर्च में एक बड़ा खुलासा हुआ है। सबसे बड़ी बात यह है कि यहां पर मूर्तियों की और मंदिर में पूजा की जाती थी। हेरिटेज कमीशन की देश की विरासत को जानने के लिए सर्वे कर रहा है और उसको सहेजना चाहते हैं।

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हम लाते रहेंगे ऐसी ही तमाम जानकारियां।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।।। तब तक देखते रहिये Daily Saudi News !

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