शादी के बाद पति के साथ चली गयी सऊदी अरब ! फिर भागकर आयी भारत और निकाल लिया UPSC… बनी IPS

कन्नौज में रहने वाली डॉ. बुशरा बानो जिनकी बचपन से एक ही ख्वाहिश थी कि वो UPSC निकाले। उनका पढ़ाई में दिल हमेशा लगता था जिस दिन वो पढ़ नहीं पाती थी उन्हें ऐसा मालूम होता था कि मानो उन्हें साँस ही नहीं आ रही हो. ऐसा उन्होंने खुद अपने इंटरव्यू में कहा है.

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अलीगढ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पीएचडी

दो बहन और एक भाई में सबसे बड़ी मैं। घर में बड़ी थी तो अपनी जिम्मेदारियां भी समझती थी। बीएससी करने के बाद लखनऊ से एमबीए किया। इसी दौरान नेट की परीक्षा पास कर ली। अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी से पीएचडी की। पीएचडी करते-करते आगरा के एक मैनेजमेंट कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर भी रही। यहां दो साल तक बच्चों को पढ़ाया।

कैसे सऊदी अरब से भारत आकर UPSC निकाला

अलीगढ़ में ही 2014 में PHD करते करते उनकी शादी हो गयी और तब उनकी उम्र 25 साल थी फिर वो अपने पति के साथ सऊदी अरब चली गयी और वहां प्रोफेसर की जॉब करने लगी. मगर सऊदी में उनका मन नहीं लगता था. वो यही सोचती रहती थी कि उनका बचपन का एक ख्वाब था UPSC निकालना वो कहाँ गया. मैं यहाँ सऊदी में क्या कर रही हूँ मुझे भारत जाना चाहिए और वहां अपनी तयारी करनी चाहिए। बस बोरिया-बिस्तर, उतरा हुआ मन सब समेटा और चल दिए अपने देश। भारत आते ही यूपीएससी की तैयारी में खुद को झोंक दिया।

इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस

इसी बीच कोल इंडिया में वैकेंसी निकली और मैंने फॉर्म भर दिया। कोल इंडिया का एग्जाम पास करने के बाद असिस्टेंट मैनेजर का काम किया। नौकरी करते-करते यूपीएससी की तैयारी भी करती रही। फिर साल 2018 में यूपीएससी में सिलेक्शन हो गया और 277वीं रैंक आई। मुझे इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस मिला।

UPSC

जानिए बुशरा के हस्बैंड क्या करते हैं

इसी साल पीसीएस की परीक्षा में बैठी और छठी रैंक आई। अब फिरोजाबाद में बतौर एसडीएम पद पर पिछले दो साल से कार्यरत हूं। ऐसा नहीं था कि सरकारी नौकरी मिल गई है तो अब पढ़ना नहीं है। मैंने 2020 में फिर यूपीएससी निकाला और इस बार 234वीं रैंक आई। अब दिसंबर में बतौर आईपीएस जॉइन करना है। हम दोनों हसबैंड-वाइफ ने शादी के वक्त ही तय किया था कि दोनों साथ रहेंगे। हसबैंड पीएचडी कर रहे हैं और अपना बिजनेस चलाते हैं। मेरी जहां भी पोस्टिंग होती है, वहां वे साथ होते हैं।

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