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आज 21 जुलाई अरब देशों की 10 बड़ी खबरें जानिए विस्तार से !

1. भारतीय कामगारों को सऊदी अरब एयरपोर्ट पर मिली ख़ास सुविधा ! घटा दिए गए एयरपोर्ट फीस के दाम

सऊदी अरब सरकार अपने देश को high-tech बनाने के लिए हर मुमकिन कोशिश में लगी है. जहाँ हुकूमत ने राज्य और उसके हवाई अड्डों को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए और आकर्षक बनाने के लिए एयरपोर्ट की फीस में 35 प्रतिशत की घोषणा की है. एयरपोर्ट फीस कम करने के फैसले को रियाद, जेद्दा और दम्मम एयरपोर्ट्स से लागू किया जाएगा।

बता दे की फीस कटौती का फैसला इसी साल लागू किया जाएगा। सऊदी नागरिक उड्डयन विभाग उचित सीमा तक फीस कम करने के लिए एयरपोर्ट को अधिकृत करेगा। नागरिक उड्डयन विभाग ने 15 जुलाई, 2022 से दुनिया भर की एयरलाइनों के लिए सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को खोलने की घोषणा की थी। सऊदी नागरिक उड्डयन विभाग के नियमों और विनियमों का अनुपालन करने वाली किसी भी एयरलाइन को सऊदी अरब की हवाई सीमाओं का उपयोग करने की अनुमति होगी.

saudi airports

सऊदी नागरिक उड्डयन विभाग ने अपने ट्विटर अकाउंट पर कहा है कि सऊदी अरब 1944 के शिकागो समझौते के तहत लगाए गए प्रतिबंधों को पूरा करना चाहता है। इसी भावना से यह निर्णय लिया गया है कि अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन में उपयोग किए जाने वाले यात्री विमानों के संबंध में कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा और सभी के साथ समान व्यवहार किया जाएगा। सऊदी अरब तीन महाद्वीपों को जोड़ने वाले एक अद्वितीय स्थान के रूप में विश्व स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत करना चाहता है। इसलिए राज्य के हवाई क्षेत्र को सभी एयरलाइनों के लिए खोलने का निर्णय लिया गया है.

2. सऊदी के विदेशी मज़दूरों का बोझ हुआ कम ! 4 हज़ार कारखानों में लगाए गए डिजिटल सिस्टम, जानिए कैसे मिलेगी सुविधा

सऊदी उद्योग और खनिज मंत्रालय ने 4,000 से अधिक सऊदी कारखानों में विदेशी श्रमिकों पर ज़्यादा बोझ न हो इस के लिए एक डिजिटल सिस्टम शुरू किया है. उद्योग और खनिज मंत्रालय ने राज्य में भविष्य के कारखानों के लिए एक कार्यक्रम जारी किया है और उन्हें चलाने के लिए SIRI प्रक्रियाओं को अपनाया है.

उद्योग मंत्रालय का कहना है कि इस कार्यक्रम के लिए बहुत बहुत शुक्रिया। 4,000 कारखाने सीमांत कौशल और श्रम पर काम करने वाले विदेशी श्रमिकों के बजाय डिजिटल सिस्टम और कुशल औद्योगिक प्रणालियों पर निर्भर होंगे। साथ ही सिस्टम के लिए भी शुक्रिया अदा किया है. इस नए सिस्टम में राष्ट्रिय उद्योग का भी सुधार होगा। नए प्रकार के रोजगार भी आएंगे।

उद्योग मंत्रालय ने कहा कि सऊदी राष्ट्रीय उद्योग को उन्नत औद्योगिक केंद्रों में बदलने के लिए अंतरराष्ट्रीय तरीकों को अपनाया जाएगा। यह काम दो मोर्चों पर एक साथ किया जाएगा। एक ओर जहां नई फैक्ट्रियां स्थापित की जाएंगी, जिन्हें अंतरराष्ट्रीय उच्च मानकों के अनुसार डिजाइन किया जाएगा। वहीं दूसरी ओर मौजूदा कारखानों को चलाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

digital system

3. तपती गर्मी में झुलस गए नागरिक, सऊदी, कुवैत समेत पूरे अरब देश में तापमान 50 डिग्री सेल्सियस !

GCC यानि Gulf Cooperation Council राज्यों के ज्यादातर इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी जारी है और खाड़ी के कुछ हिस्सों में ज्यादा से ज़्यादा गर्मी का तापमान लगभग 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। Saudi National Center for Meteorology ने एलान किया कि दम्माम शहर में मंगलवार को 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो कि किंगडम में सबसे ज़्यादा तापमान है, और इसके बाद अल-खरज में 46 डिग्री सेल्सियस और राजधानी रियाद में 45 डिग्री सेल्सियस रहा.

वहीँ कुवैत में भी कुवैती मौसम विज्ञान केंद्र ने उम्मीद की थी कि इस सप्ताह के दौरान बुधवार से शनिवार तक ज़्यादा से ज़्यादा गर्मी का तापमान 49 डिग्री सेल्सियस से बढ़कर 50 डिग्री सेल्सियस हो जाएगा। इस बीच, ओमान कि बात करे तो यहां कुछ अलग है. मौसम विज्ञान के ओमानी directorate जरनल ने सल्तनत के कुछ इलाकों में बढ़ती बारिश और फाल हवाओं की मुसलसल संभावना के खिलाफ चेतावनी दी है।

खाड़ी में ज्यादातर गर्मी का तापमान एक गंभीर और असामान्य गर्मी की लहर के साथ मेल खाता है जो इस सप्ताह के दौरान यूरोपीय महाद्वीप से होकर गुजरती है, यूनाइटेड किंगडम ने रिकॉर्ड पर अपना सबसे गर्म दिन देखा, मंगलवार को तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

4. सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान पहुंचे जापान ! जापान PM ने किया जमकर स्वागत

जापान के प्रधान मंत्री फुमियो किशिदा ने मंगलवार को जापान की अपनी सरकारी दौरे के दौरान, सऊदी foreign minister प्रिंस फैसल बिन फरहान बिन अब्दुल्ला को टोक्यो में recieve किया और उनका जमकर स्वागत किया।

प्रिंस फैसल ने दो पाक मस्जिदों के कस्टोडियन किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, deputy prime minister को मुबारक बाद दिया साथ ही प्रधान मंत्री, जापानी सरकार और लोगों को मुसलसल इस्तहकाम और तरक्की जैसी नेक ख्वाहिसात का ज़िक्र किया । बदले में किशिदा ने दो पाक मस्जिदों के निगरान, क्राउन प्रिंस,, सऊदी अरब की सरकार और लोगों को अपनी मुबारक बाद कि greetings भेजी।

बैठक के दौरान, उन्होंने दोनों मुल्को के बीच bilateral relation , उन्हें develop करने और मजबूत करने के तरीकों, और सऊदी विजन 2030 के मुताबिक मदद की इमकानात का जायेजा लिया इसके अलावा आम हित के दूसरे क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा की। बैठक में जापान में सऊदी राजदूत नायेफ अल-फहदी और प्रिंस फैसल के दफ्तर के डायरेक्टर जनरल अब्दुलरहमान अल-दाउद ने भाग लिया।

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5. एक वकील की गिरफ्तारी पर क्यों भिड़े अमेरिका और UAE ? एक दूसरे के खिलाफ जमकर दे रहे बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति के सऊदी अरब आने के बाद कई तरह की चर्चाये हुई और इन चर्चाओं में जमाल के हत्या का भी मुद्दा सामने आया. तुरंत बाइडेन के रवाना होते ही संयुक्त अरब अमीरात जमाल के एक वकील को गिरफ्तार कर लिया और सजा को लेकर बहस छिड़ गई है। इस वकील का नाम आसिम गफूर है, जिसने सऊदी आलोचक और पत्रकार जमाल खशोगी का केस लड़ा था। यूएई की अदालत ने वकील को मनी लॉन्डरिंग और टैक्स चोरी के आरोपों में तीन साल की कैद की सजा सुनाई है।

इसी फैसले के बाद अमेरिका ने यूएई की आलोचना की थी, जिसके बाद यूएई ने कहा कि उसने वकील को अमेरिका के कहने पर गिरफ्तार किया था। अब अमेरिका ने कहा है कि उसने दिवंगत पत्रकार जमाल खशोगी के पूर्व वकील की गिरफ्तारी की मांग नहीं की थी। गफूर ने यूएई की सरकार के आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें अतीत के किसी कालखंड में गैरहाजिरी के दौरान इन आरोपों पर दोषी ठहराये जाने का बिल्कुल भान नहीं था।

गफूर गुरुवार को जब एक शादी में शामिल होने दुबई के रास्ते इंस्ताबुल जा रहे थे तब पुलिस दुबई हवाई अड्डे पर उन्हें गिरफ्तार कर अबू धाबी हिरासत केंद्र ले गयी थी। UAE ने यह कहते हुए इसे सीमापार अपराध का मुकाबला करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर उठाया कदम बताया था कि अमेरिकी अधिकरियों ने गफूर के खिलाफ कथित कर चोरी एवं संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जांच में उससे मदद का अनुरोध किया था।

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अमेरिका ने यूएई के इस बयान का प्रतिवाद किया। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि उसने गफूर की गिरफ्तारी की मांग नहीं की थी और इससे संबंधित अतिरिक्त सवाल न्याय विभाग से किये जाएं। वैसे न्याय विभाग ने इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है। गफूर वाशिंगटन स्थित ‘‘डेमोक्रेसी फॉर अरब वर्ल्ड नामक नाउ’’ मानवाधिकार संगठन से जुड़े हैं और असंतुष्ट लेखक एवं वाशिंगटन पोस्ट के स्तंभकार खशोगी के अच्छे मित्र रहे हैं.

6. UAE से लखनऊ आया विमान, फ्लाइट के टॉयलेट में मिला 50 लाख का गोल्ड, सभी क्रू मेंबर रह गए भौचक्का

अरब अमीरात से एक फ्लाइट भारत के लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंची और उसमे एक ऐसा दृश्य दिखा जो बहुत ही चौका देने वाला था. एयरपोर्ट पर सामान्य रूप से क्रू के मेंबर चेकिंग कर रहे थे. इसी दौरान टॉयलेट में एक पैकेट चिपका हुआ मिला, जब इसे खोलकर देखा सभी चौंक गए. इसमें 50 लाख का सोना मौजूद था.

सीमा शुल्क विभाग ने UAE के शारजाह से आई इंडिगो फ्लाइट के टॉयलेट से 50 लाख रुपये से अधिक का सोना बरामद किया है. बता दे कि ये घटना लखनऊ के चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर हुई है. शारजाह से इंडिगो की एक फ्लाइट 6E-1412 लखनऊ आई. इसके बाद विभाग के सदस्यों ने फ्लाइट की नियमित रूप से की जाने वाली जांच की. इसी दौरान क्रू को विमान के टॉयलेट के अंदर एक पैकेट मिला.

बॉर्डर टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने बताया कि यह पैकेट पूरी तरह बंद था और टॉयलेट में टेप से चिपका हुआ था. बरामद किए गए सोने का वजन करीब 977 ग्राम जिसकी कीमत बाजार में करीब 50,80,400 रुपये आंकी गई है. टॉयलेट में सोना रखने वाले व्यक्ति की फिलहाल पहचान नहीं हो सकी है. साथ ही ये भी पता नहीं चल सका है कि आखिर सोना आया कहाँ से. मगर विभाग ने इस गोल्ड के अपने कब्जे में ले लिया है.

7. अब UAE में रहने वाले भारतीय नागरिक भी कर सकेंगे UPI से पेमेंट ! बन गया नियम, जानिए पूरी Details

संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतियों के लिए अच्छी और सुविधाजनक खबर आ गयी है. बता दे कि भारतीय नागरिक अब UAE में भी अपने मोबाइल फोन से पेमेंट कर खरीदारी कर सकेंगे। यानी कि UPI का इस्तेमाल अब वे भी बिना झिझक के कर सकते हैं. दरअसल यूएई में UPI को शुरू करने के लिए NPCI ने मशरिक बैंक के NeoPay के साथ साझेदारी की है.

भारतीय नागरिक UAE में भी यूपीआई के जरिए भुगतान कर पाएंगे. बता दें कि यूएई में यूपीआई को शुरू करने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने मशरिक बैंक के NeoPay के साथ साझेदारी की है. NPCI और NeoPay के बीच हुई इस पार्टनरशिप से यूएई में भारतीयों को भुगतान करने का एक नया ऑप्शन मिल गया है. इससे न सिर्फ यूएई जाने वाले भारतीय नागरिकों को फायदा होगा बल्कि वहां रहने वाले लाखों भारतीय लोग भी ऑनलाइन पेमेंट के लिए यूपीआई आधारित मोबाइल ऐप्स जैसे- Bhim, PhonePe, Paytm, Google Pay आदि का इस्तेमाल कर सकेंगे.

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यूं तो यूपीआई पूरे यूएई में लॉन्च किया गया है लेकिन भारतीय नागरिक केवल NeoPay टर्मिनल्स पर ही यूपीआई के जरिए डिजिटल पेमेंट कर पाएंगे. बता दें कि यूएई में यूपीआई का इस्तेमाल करने के लिए आपके मोबाइल फोन में कोई भी यूपीआई बेस्ड मोबाइल ऐप होना चाहिए, जिसके साथ आपका कोई एक्टिव बैंक अकाउंट लिंक हो. अब आपको जिस सामान के लिए पेमेंट करनी है, NeoPay उस सामान की कीमत को दिरहम से रुपये में कंवर्ट कर देगा, जिसके बाद आप आसानी से उसकी पेमेंट कर पाएंगे. बता दे कि UPI लांच करने वाला पहला देश भूटान है और भारत में साल 2016 में UPI शुरू हुआ.

8. UAE किसे और क्यों देता है गोल्डन वीजा? अगर किसी भारतीय के पास है ये वीजा तो क्या क्या लाभ मिलता है, जानिए

UAE सरकार ने अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए टॉप टैलेंट्स को अकर्षित करने के मकसद से कई योजनाएं शुरू की। इनमें से एक योजना यूएई गोल्डन वीजा है। इस वीज़ा के मिलने से लोगों को बहुत तरह की सुविधाएं मिलती हैं. अगर आप यूएई जाना चाहते हैं, तो आपको वहां के लिए गोल्डन वीजा के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए।

दरअसल, गोल्डन वीजा इंवेस्टर्स, व्यवसायी, रिसर्चर्स, मेडिकल प्रोफेशनल और साइंस एंड नॉलेज फील्ड से जुड़े लोगों को लंबे समय तक यहां बसने या रहने की इजाजत देता है. गोल्डन वीजा की शुरुआत साल 2019 में लागू की गई थी। आमतौर पर, अन्य वीजा योजनाओं में व्यक्ति के पास एक नेशनल स्पॉन्सर होना जरूरी है, लेकिन गोल्डन वीजा के साथ आपको इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर आप भी यूएई में अस्थाई रूप से रहना चाहते हैं या वहां रहकर अपना कोई बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो आपको गोल्डन वीजा के नियमों के बारे में पता होना चाहिए।

गोल्डन वीजा प्रणाली मुख्य रूप से इंवेस्टर्स , रिर्सर्चस, स्टूडेंट्स और टैलेंटेड छात्रों को यूएई में 5 से 10 साल तक यहां रहने का परमिट देता है. यूएई सरकार ने देश में प्रतिभाशाली लोगों को बनाए रखने के उद्देश्य से गोल्डन वीजा की शुरूआत की। चूंकि यह बहुत आसान प्रक्रिया है, इसलिए इसे कोई भी कर सकता है। यू्एई में सबसे आम ‘रोजगार वीजा’ है, जहां एमप्लॉयर द्वारा एक एम्प्लॉयी को स्पॉन्सर किया जाता है, जहां उसे दो से तीन साल तक रहने की अनुमति होती है. हालांकि, यूएई गोल्डन वीजा के बारे में सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह वीजा 5 से 10 साल तक के लिए रेसीडेंसी देता है. इस वीजा का सबसे बड़ा फायदा है सुरक्षा यानी सिक्योरिटी।

uae golden visa

गोल्डन वीज जारी करने के साथ यूएई सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि प्रवासी और निवेशक को मूल रूप से यूएई में रहने से कई फायदे मिलते हैं. अगर आवेदन करना है तो कैंडीडेट्स को पेपर वर्क जमा करना होता है। इसके बाद अपने बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें पूरी तरह से तैयार रहना चाहिए। इसके अलावा, इंवेस्टर्स और टैलेंटेड लोग दस साल का वीज़ा ले सकते हैं. जबकि बिजनेसमेन और छात्रों को पांच साल का वीजा दिया जाता है.

9. अबुधाबी एयरलाइन Wizz Air ने शुरू किया कुवैत के लिए Flights ! टिकट का दाम महज़ दिरहम 99

Wizz Air अबू धाबी ने आज गुरुवार को एक ताज़ा घोषणा करी है जिसमे कहा गया कि वह अबू धाबी से कुवैत और मालदीव के लिए दो नए मार्ग शुरू करेगी। कुवैत के लिए किराया Dh99 और मालदीव के लिए Dh319 से शुरू होगा। अक्टूबर से, Wizz Air मालदीव के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, अबू धाबी से माले के लिए मंगलवार, गुरुवार, शनिवार और रविवार को सप्ताह में चार बार उड़ानों की पेशकश करेगी।

फारस की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित कुवैत के लिए उड़ानें प्रतिदिन अबू धाबी से संचालित होंगी। उड़ानें एक एयरबस A321neo विमान पर संचालित की जाएंगी। टिकट अभी बिक्री पर हैं और इसे एयरलाइन के मोबाइल ऐप या wizzair.com पर खरीदा जा सकता है. साथ ही यात्री WIZZ Flex के साथ टिकट भी बुक कर सकते हैं, जिससे वे बिना किसी शुल्क के प्रस्थान से तीन घंटे पहले तक अपनी उड़ान रद्द कर सकते हैं.

wizz air budget

एयरलाइन क्रेडिट में तुरंत प्रतिपूर्ति किए गए किराए का 100% ले सकते हैं। वह फारस की खाड़ी, अबू धाबी से रोज़ाना उड़ाने संचालित करेगा। जनवरी 2021 में एयरलाइन के शुरू होने के बाद से नए मार्गों में राजधानी के पांच घंटे के उड़ान समय के दायरे में Wizz Air अबू धाबी कुल 34 गंतव्यों के लिए उड़ान भरेगा।

10. बुर्ज खलीफा के Top Floor पर जाने के लिए अब निवासियों को देने होंगे बस दिरहम 60 ! सितंबर तक का ऑफर

संयुक्त अरब अमीरात के निवासी अब एट द टॉप, बुर्ज खलीफा आराम से जा सकते हैं और शहर के दृश्यों का आनंद उठा सकते हैं. बुर्ज खलीफा के 124 और 125 वे फ्लोर पर जाने के लिए अब निवासी को केवल दिरहम 60 लगेगा। यह एक नियमित टिकट की कीमत के आधे से भी कम है, जिसकी कीमत Dh159 है।

विशेष ग्रीष्मकालीन प्रस्ताव सभी सार्वजनिक अवकाशों सहित 30 सितंबर, 2022 तक वैध है। आगमन पर, मेहमानों को ऑफ़र का लाभ उठाने के लिए टिकटिंग काउंटरों पर अपनी वैध अमीरात आईडी देनी होगी। मेहमानों को अपना टिकट बुर्ज खलीफा वेबसाइट atthetop.ae के माध्यम से बुक करना होगा। बुर्ज ख़लीफ़ा दुबई में आठ अरब डॉलर की लागत से छह साल में निर्मित दुनिया की सबसे ऊँची इमारत है. इसका लोकार्पण साल 2009 को भव्य उद्घाटन समारोह के साथ किया गया।

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इसमें तैराकी का स्थान, खरीदारी की व्यवस्था, दफ़्तर, सिनेमा घर सहित सारी सुविधाएँ मौजूद हैं। इसकी 76 वीं मंजिल पर एक मस्जिद भी बनायी गयी है। इसमे लगायी गयी लिफ़्ट दुनिया की सबसे तेज़ चलने वाली लिफ़्ट है। “ऐट द टॉप” नामक एक दरवाज़े के बाहर अवलोकन डेक, 124 वीं मंजिल पर, 5 जनवरी 2010 पर खुला। यह 452 मीटर (1,483 फुट) पर, दुनिया में तीसरे सर्वोच्च अवलोकन डेक और दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा दरवाज़े के बाहर अवलोकन डेक है।

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