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सऊदी अरब में बैठा मास्टरमाइंड कर रहा था पूरा सिस्टम ऑपरेट, दो भारतीय युवक गिरफ्तार, लगा धारा 420, 467, 468, 471

रविवार को नई बस्ती आजादनगर स्थित एक मकान में छापा मारकर अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अवैध टेलीफोन एक्सचेंस का खुलासा किया है। पुलिस ने इस एक्सचेंज का संचालन करने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूरे नेटवर्क का मास्टर माइंड सऊदी अरब में मौजूद है। ये लोग सस्ती दर पर लोगों को विदेशी कॉल की सुविधा मुहैया कराते थे।

indian police
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मौके से गिरफ्तार होने वालों में डोमघर कुंदरकी (मुरादाबाद) निवासी मोहम्मद कदीम और उसके छोटे भाई मोहम्मद मेहराज शामिल हैं। आजादनगर के जिस मकान में ये अवैध एक्सचेंज का संचालन कर रहे थे वो भूरे इस्लाम का है। ये दोनों मकान किराये पर लेकर यह धंधा कर रहे थे। मकान से 63 हजार रुपये कैश के अलावा सात सिम बॉक्स (यूसी2000) गेट-वे, दो लैपटॉप, इन्वर्टर, जिओ फाइबर बाक्स , एक राउटर, 13 केबल, आठ नेटवर्किंग केबल, 45 स्पाइरल एंटीना, जेट किंग कोर्स की एक किताब, एक डायरी, तीन मोबाइल सेट, नौ एटीएम, 508 सिम कार्ड बरामद हुए हैं।

भाइयों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471

दोनों भाइयों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 471 भारतीय तार अधिनियम की धारा 4/20/21/25 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है और वे गिरफ्तार हैं. जांच में पता चला है कि पूरे नेटवर्क का मास्टर माइंड सऊदी अरब में मौजूद है। गिरफ्तार भाइयों को मास्टर माइंड 20-20 हजार रुपये प्रति माह देता था। इसी वर्ष अप्रैल से इस एक्सचेंज के संचालन की जानकारी मिली है।

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सऊदी अरब जाने पर जुड़े अवैध एक्सचेंज के तार

पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार मोहम्मद कदीम इसी वर्ष मार्च में सऊदी अरब गया था। वहां एक अज्ञात व्यक्ति ने कदीम को टेलीफोन एक्सचेंज लगाकर पैसा कमाने का सपना दिखाया। कदीम ने लालच में आकर वहां से लौटने के बाद छोटे भाई मेहराज को साथ लेकर एक्सचेंज के काम में लग गया। आजादनगर में किराये का मकान लेकर अप्रैल से अवैध एक्सचेंज शुरू कर दिया। दोनों भाइयों ने काशीपुर ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) निवासी अपने भांजे मोहम्मद जोहरा उर्फ सरफराज से सामान की व्यवस्था करवाई। अरब में मिले शख्स ने भाइयों को बताया था कि सिम कार्डों की व्यवस्था राजस्थान के रहने वाले राहुल जैन ने कर दी है। दोनों भाई विदेशी कॉल सस्ती दर पर कराते थे।

सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि ये लोग भारतीयों और विदेशियों दोनों को अंतरराष्ट्रीय कॉल की सस्ती सुविधा उपलब्ध कराते थे। इनके इस खेल में साढ़े छह रुपये की कॉल का खर्च 30-40 पैसे बैठता था। ये आरोपी इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल में परिवर्तित करने का काम करते थे। इसके लिए वीवीआईपी कॉल को सिम बॉक्स के माध्यम से जीएसएम कॉल में परिवर्तित किया जाता था। मास्टर माइंड ही विदेशियों से बात कराने का पैसा लेता था। एसपी सिटी का कहना है कि गिरफ्तार लोगों ने सऊदी में मिले शख्स की जानकारी नहीं दी है. कॉल करने वाले देशी-विदेशी लोगों की जानकारी जुटाने के लिए जांच की जा रही है। मकान मालिक की भूमिका भी जांची जाएगी।

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